Monday, March 23, 2009

आज भाई अविनाश वाचस्पति पधारे हैं यहाँ....


31 comments:

  1. वाह भाई खूब!
    इतनी बड़ी कलम, तभी इतना लिख पाते हैं।

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  2. इनका चश्मा टपा लिए क्या।

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  3. blogaron ke cartoonist ki jai ho!
    ek request,please apna profile to daal den.

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  4. कलम तो इनकी यकीनन बहुत ही बड़ी है लेकिन चश्मे को नदारद क्यूँ कर दिया भाई?....


    बढिया कार्टून

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  5. भाई अविनाश पधारे हैं

    और कलम धारे हैं

    इनकी कलम की धार तीखी है

    इनके बिना ब्‍लॉगवाणी भी फीकी है

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  6. क्या बात है, बिल्कुल सेम टू सेम

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  7. ई मेल पर प्राप्‍त प्रतिक्रिया :
    की बोर्ड के सिपाही के हाथ में कलम देखकर अच्छा लगा। झंडा बुलंद किए हैं आप अपना भी...अपने लेखन का भी...और हां निब वाले पैन का भी....badiya cartoon hai
    पीयूष पांडे

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  8. ई मेल पर प्राप्‍त प्रतिक्रिया :
    भई वाह । आपसे इस तरह मुखातिब होना आनन्‍द दे रहा है। कार्टून की तूलिका के नीचक आनक पर बधाई।
    डॉ. कमलकांत बुधकर

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  9. jai ho gurudev, kya badhiya dikh rahe ho.. wah ji wah .. mera dill to garden garden ho gaya .. wah ..guru agar aapka aashirwad raha to ek din main bhi eisa hi kahin nazar aaunga ...

    maza aa gaya. this cartoon made my day..

    bahut badhai .

    vijay

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  10. बहुत खूब बनाया यह आपने :)

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  11. मन से कह रहा हूं बिना लेपटाप के भी टापोटाप हैं अविनाश जी वाचस्‍पति।

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  12. दिनेशजी ने सही कहा...इत्ती बड़ी कलम। कैरीकैचर बनानेवाले की कलम ही इससे बड़ी हो सकती है...बाकी तो...

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  13. अजित वडनेरकर जी

    शब्‍दों के साथ साथ जवाबों पर
    कमाल की हाजिरी लगाते हैं

    मतलब हाजिर जवाब।

    सलाम अजित जी को।

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  14. This comment has been removed by the author.

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  15. कलम नहीं मिसाइल है...जो निकम्मो का नाश करती है..

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  16. जानदार है, लेकिन शानदार भी होता अगर हाथ में कलम की बजाय सिर पर मॉनीटर लदा होता। बहरहाल, इस खूबसूरत काम के लिए बधाई। आपका मेल स्पैम पर आया, यह बात समझ में नहीं आई।

    बलराम अग्रवाल

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  17. कार्टून देखकर लगता है अविनाश जी
    ए‍क हाथ से कलम फेंक रहे हें
    और दूसरे हाथ से अंगूठा टेक रहे हैं

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  18. मेरा अंगूठा तो कीबोर्ड पर ही टिकता है
    पर कलम फेंक नहीं रहा
    हूं
    इसका जादू कीबोर्ड पर ट्रांसफर कर रहा हूं
    जमाने भर के लिए हिंदी ब्‍लॉगिंग का मार्ग
    प्रशस्‍त करने का प्रयास कर रहा हूं।

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  19. अविनाश जी ने अपनी अभिनव टिप्पणियों से हिन्दी टिप्पणीकारी को एक नया तरीका दिया है । उनका यह कार्टून मोहक है ।

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  20. हमारे अवि भैया का कार्टून? वो भी कलम उठाये हुए ...कि अच्छे अच्छो को रस्ते पर ले आते है इससे.ये इनकी ताकत है,तलवार,तोप भी और ....प्रकाश-स्तंभ भी.हा हा हा वाह जी बहुत खूब!

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