http://techprevue.googlepages.com/google-seo-code.txt

Monday, March 23, 2009

आज भाई अविनाश वाचस्पति पधारे हैं यहाँ....


29 comments:

sourabh said...

jai kalam

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

वाह भाई खूब!
इतनी बड़ी कलम, तभी इतना लिख पाते हैं।

विनीत कुमार said...

इनका चश्मा टपा लिए क्या।

Shefali Pande said...

key board ki jgah kalam?

संगीता पुरी said...

वाह !!! बहुत खूब ...

cartoonistirfan said...

blogaron ke cartoonist ki jai ho!
ek request,please apna profile to daal den.

राजीव तनेजा said...

कलम तो इनकी यकीनन बहुत ही बड़ी है लेकिन चश्मे को नदारद क्यूँ कर दिया भाई?....


बढिया कार्टून

पवन *चंदन* said...

भाई अविनाश पधारे हैं

और कलम धारे हैं

इनकी कलम की धार तीखी है

इनके बिना ब्‍लॉगवाणी भी फीकी है

राजीव जैन Rajeev Jain said...

क्या बात है, बिल्कुल सेम टू सेम

अविनाश वाचस्पति said...

ई मेल पर प्राप्‍त प्रतिक्रिया :
की बोर्ड के सिपाही के हाथ में कलम देखकर अच्छा लगा। झंडा बुलंद किए हैं आप अपना भी...अपने लेखन का भी...और हां निब वाले पैन का भी....badiya cartoon hai
पीयूष पांडे

अविनाश वाचस्पति said...

ई मेल पर प्राप्‍त प्रतिक्रिया :
भई वाह । आपसे इस तरह मुखातिब होना आनन्‍द दे रहा है। कार्टून की तूलिका के नीचक आनक पर बधाई।
डॉ. कमलकांत बुधकर

Dr. Amar Jyoti said...

अब पहचाना।:)

Vijay Kumar Sappatti said...

jai ho gurudev, kya badhiya dikh rahe ho.. wah ji wah .. mera dill to garden garden ho gaya .. wah ..guru agar aapka aashirwad raha to ek din main bhi eisa hi kahin nazar aaunga ...

maza aa gaya. this cartoon made my day..

bahut badhai .

vijay

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बहुत खूब बनाया यह आपने :)

अशोक कुमार पाण्डेय said...

kalam nahi.. laptop hona chahiye tha..sundar

raman said...

मन से कह रहा हूं बिना लेपटाप के भी टापोटाप हैं अविनाश जी वाचस्‍पति।

Sanjeet Tripathi said...

शानदार।

अजित वडनेरकर said...

दिनेशजी ने सही कहा...इत्ती बड़ी कलम। कैरीकैचर बनानेवाले की कलम ही इससे बड़ी हो सकती है...बाकी तो...

विनोद said...

अजित वडनेरकर जी

शब्‍दों के साथ साथ जवाबों पर
कमाल की हाजिरी लगाते हैं

मतलब हाजिर जवाब।

सलाम अजित जी को।

Dr.Bhawna said...
This post has been removed by the author.
Dr.Bhawna said...

बहुत खूब !

prabhat gopal said...

बहुत खूब !

Kulwant Happy said...

कलम नहीं मिसाइल है...जो निकम्मो का नाश करती है..

सुशील कुमार छौक्कर said...

जानदार भी शानदार भी।

बलराम अग्रवाल said...

जानदार है, लेकिन शानदार भी होता अगर हाथ में कलम की बजाय सिर पर मॉनीटर लदा होता। बहरहाल, इस खूबसूरत काम के लिए बधाई। आपका मेल स्पैम पर आया, यह बात समझ में नहीं आई।

बलराम अग्रवाल

राजेश उत्‍साही said...

कार्टून देखकर लगता है अविनाश जी
ए‍क हाथ से कलम फेंक रहे हें
और दूसरे हाथ से अंगूठा टेक रहे हैं

अविनाश वाचस्पति said...

मेरा अंगूठा तो कीबोर्ड पर ही टिकता है
पर कलम फेंक नहीं रहा
हूं
इसका जादू कीबोर्ड पर ट्रांसफर कर रहा हूं
जमाने भर के लिए हिंदी ब्‍लॉगिंग का मार्ग
प्रशस्‍त करने का प्रयास कर रहा हूं।

हिमांशु । Himanshu said...

अविनाश जी ने अपनी अभिनव टिप्पणियों से हिन्दी टिप्पणीकारी को एक नया तरीका दिया है । उनका यह कार्टून मोहक है ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बड़ी कलम को सलाम।

Post a Comment